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Business News: करण अडानी और पूर्व CFO बी रवि का SEBI मामला सेटल, दोनों ने दिए 13.65 लाख रुपये

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Business News | SEBI ने करण अडानी और APSEZ के पूर्व CFO बी रवि से जुड़े मामले का सेटलमेंट कर दिया है। दोनों ने 13.65 लाख रुपये प्रत्येक का भुगतान किया। मामला PMC Projects और APSEZ से जुड़े वित्तीय लेनदेन से संबंधित था।

करण अडानी और पूर्व CFO बी रवि का SEBI मामला सेटल, दोनों ने दिए 13.65 लाख रुपये

10 सितंबर, Alam Ki Khabar। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) के CEO करण अडानी और कंपनी के पूर्व CFO बी रवि से जुड़े एक मामले का सेटलमेंट कर दिया है। दोनों ने सेटलमेंट के तहत 13.65 लाख रुपये-13.65 लाख रुपये का भुगतान किया। इस तरह दोनों से कुल 27.30 लाख रुपये की राशि प्राप्त होने के बाद संबंधित कार्यवाही का निपटारा कर दिया गया।

PMC Projects से जुड़े लेनदेन की थी जांच

यह मामला PMC Projects India, APSEZ और उसकी कुछ संबंधित कंपनियों के बीच बैंकिंग लेनदेन तथा इंटर-कॉरपोरेट सिक्योरिटी डिपॉजिट से जुड़ा था। SEBI की जांच में इन लेनदेन से संबंधित नियामकीय अनुपालन को लेकर सवाल उठे थे।

मामले में SEBI ने 22 नवंबर 2023 को करण अडानी और बी रवि को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। नोटिस के जरिए उनसे कथित नियमों के उल्लंघन को लेकर जवाब मांगा गया था। बाद में दोनों पक्षों की ओर से नियामक के सामने जवाब और सेटलमेंट से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

सेटलमेंट प्रक्रिया में क्या हुआ?

मामले को खत्म करने के लिए करण अडानी और बी रवि की ओर से सेटलमेंट आवेदन दाखिल किए गए। SEBI की संबंधित समितियों के साथ हुई बैठकों में मामले की शर्तों पर चर्चा की गई।

इसके बाद प्रत्येक आवेदक के लिए 13.65 लाख रुपये के भुगतान की सिफारिश की गई। आगे की प्रक्रिया में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली और दोनों पक्षों ने निर्धारित राशि जमा करने पर सहमति जताई।

सितंबर 2026 में भुगतान की पुष्टि

SEBI की प्रक्रिया के अंतिम चरण में दोनों आवेदकों के प्रतिनिधियों ने नियामक को बताया कि निर्धारित सेटलमेंट राशि जमा कर दी गई है। रिकॉर्ड में उपलब्ध दस्तावेजों से भी भुगतान प्राप्त होने की पुष्टि हुई। इसके बाद सेटलमेंट की शर्तों के अनुसार संबंधित कार्यवाही का निपटारा कर दिया गया।

सेटलमेंट का मतलब क्या है?

नियामकीय सेटलमेंट प्रक्रिया का उद्देश्य लंबे समय तक चलने वाली कार्यवाही को निर्धारित शर्तों के तहत समाप्त करना होता है। इस प्रक्रिया में संबंधित पक्ष से तय राशि का भुगतान लिया जा सकता है और मामले को सेटलमेंट की शर्तों के अनुसार बंद किया जाता है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह के सेटलमेंट को सीधे तौर पर आरोपों को स्वीकार करने या गलत साबित करने के बराबर नहीं माना जाता। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक करण अडानी और बी रवि ने सेटलमेंट राशि का भुगतान किया और मामले की कार्यवाही समाप्त हुई।

SEBI के अधिकार पूरी तरह खत्म नहीं होते

सेटलमेंट के बाद संबंधित कार्यवाही का निपटारा होने के बावजूद नियामक के कुछ अधिकार नियमों के तहत बने रहते हैं। यदि सेटलमेंट के दौरान दी गई जानकारी गलत पाई जाती है या तय शर्तों का उल्लंघन सामने आता है, तो नियमों के अनुसार SEBI आगे की कार्रवाई कर सकता है।

करण अडानी की भूमिका

करण अडानी अडानी समूह के प्रमुख कारोबारी चेहरों में शामिल हैं और APSEZ में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं। कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वह APSEZ के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।

फिलहाल इस मामले में सेटलमेंट की शर्तें पूरी होने के बाद SEBI की ओर से शुरू की गई संबंधित कार्यवाही का निपटारा हो चुका है।

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फोटो कैप्शन: करण अडानी। File Photo, Alam Ki Khabar

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